kooza-gar ke ghar ummeedein aayi hain | कूज़ा-गर के घर उम्मीदें आई हैं

  - Amit Sharma Meet
कूज़ा-गरकेघरउम्मीदेंआईहैं
मिट्टीकेपुतलेमेंसाँसेंआईहैं
घबराकरबिस्तरसेउठबैठाहूँमैं
नींदमेंफिरख़्वाबोंकीलाशेंआईहैं
किसनेदस्तकदीहैमेरीपलकोंपर
आँखोंकीदहलीज़पेयादेंआईहैं
ख़्वाबमेंउसकोरोतेदेखलियाथाबस
मनमेंजानेक्याक्याबातेंआईहैं
आँखेंसुर्ख़दिखींतोमैंनेपूछलिया
उसकावहीबहानाआँखेंआईहैं
इकतकिएपेमैंऔरमेरीतन्हाई
ऐसीजानेकितनीरातेंआईहैं
रिश्तोंकाआईनाकबकाटूटचुका
'मीत'केहिस्सेकेवलकिर्चेंआईहैं
  - Amit Sharma Meet
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy