nahin maani hai kabhi haar na kaabu aa.e | नहीं मानी है कभी हार न काबू आए

  - Amit Jha Rahi
नहींमानीहैकभीहारकाबूआए
हमनेचीराहैज़मींकोख़लाकोछूआए
गाँवकीसादगीनसनसमेंबसीहैउसके
उसकीज़ुल्फ़ोंसेमुझेधानकीख़ुशबूआए
तूजिसेचाहलेपलभरमेंसुख़न-वरकरदे
तुझकोकाग़ज़पेउतरआनेकाजादूआए
ऐसाफ़ीचरभीकोईऐडकरेवट्सपमें
चाहमिलनेकीहोडीपीसेनिकलतूआए
इससेेबेहतरतुझेकुछऔरनहींदेसकता
मेरेबच्चेयेदु'आहैतुझेउर्दूआए
  - Amit Jha Rahi
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