chal aa ek aisi nazm kahooñ | ''चल आ एक ऐसी नज़्म कहूँ''

  - Amir Ameer
''चलएकऐसीनज़्मकहूँ''
चलएकऐसीनज़्मकहूँ
जोलफ़्ज़कहूँवोहोजाए
बसअश्ककहूँतोएकआँसू
तेरेगोरेगालकोधोजाए
मैंलिक्खूँतूजाए
मैंबैठलिक्खूँतूबैठे
मेरेशानेपरसररक्खेतू
मैंनींदकहूँतूसोजाए
मैंकाग़ज़परतेरेहोंठलिक्खूँ
तेरेहोंठोंपरमुस्कानआए
मैंदिललिक्खूँतूदिलथा
में
मैंगुमलिक्खूँवोखोजाए
तेरेहाथबनाऊँपेंसिलसे
फिरहाथपेतेरेहाथरखूँ
कुछउल्टासीधाफ़र्ज़करूँँ
कुछसीधाउल्टाहोजाए
मैंआहलिखूँतूहाएकरे
बेचैनलिखूँबेचैनहोतू
फिरबेचैनकाबेकाटूँ
तुझेचैनज़रासाहोजाए
अभीऐनलिखूँतूसोचेमुझे
फिरशीनलिखूँतेरीनींदउड़े
जबक़ाफ़लिखूँतुझेकुछकुछहो
मैंइश्क़लिखूँतुझेहोजाए
  - Amir Ameer
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