har raahguzaar men kaahkashaan chhod jaaunga | हर रहगुज़र में काहकशाँ छोड़ जाऊँगा

  - Ameer Qazalbash
हररहगुज़रमेंकाहकशाँछोड़जाऊँगा
ज़िंदाहूँज़िंदगीकेनिशाँछोड़जाऊँगा
मैंभीतोआज़माऊँगाउसकेख़ुलूसको
उसकेलबोंपेअपनीफ़ुग़ाँछोड़जाऊँगा
मेरीतरहउसेभीकोईजुस्तुजूरहे
अज़-राह-ए-एहतियातगुमाँछोड़जाऊँगा
मेराभीऔरकोईनहींहैतिरेसिवा
शाम-ए-ग़मतुझेमैंकहाँछोड़जाऊँगा
रौशनरहूँगाबनकेमैंइकशोला-ए-नवा
सहराकेआस-पासअज़ाँछोड़जाऊँगा
फिरकेबसगएहैंबराबरकेघरमेंलोग
अबफिर'अमीर'मैंयेमकाँछोड़जाऊँगा
  - Ameer Qazalbash
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