chalo ki KHud hi karen roo-numaaiyan apni | चलो कि ख़ुद ही करें रू-नुमाइयाँ अपनी

  - Ameer Qazalbash
चलोकिख़ुदहीकरेंरू-नुमाइयाँअपनी
सरोंपेलेकेचलेंकज-कुलाहियाँअपनी
सभीकोपारउतरनेकीजुस्तुजूलेकिन
बादबाँसमुंदरकश्तियाँअपनी
वोकहगयाहैकिइकदिनज़रूरआऊँगा
ज़राक़रीबसेदेखूँगादूरियाँअपनी
मिरेपड़ोसमेंऐसेभीलोगबसतेहैं
जोमुझमेंढूँडरहेहैंबुराइयाँअपनी
मुझेख़बरहैवोमेरीतलाशमेंहोगा
मैंछोड़आयाहूँइकबातदरमियाँअपनी
मैंबूँदबूँदकीख़ैरातकबतलकमाँगूँ
समेटलाऊँसमुंदरसेसीपियाँअपनी
मिरेकहेहुएलफ़्ज़ोंकीक़द्र-ओ-क़ीमतथी
मैंअपनेकानमेंकहनेलगाअज़ाँअपनी
करेगासरवहीइसदश्त-ए-बे-कराँको'अमीर'
जलाकेआएजोसाहिलपेकश्तियाँअपनी
  - Ameer Qazalbash
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