ze-haal-e-miskeen makun taghaaful duraay nainaan banaaye batiyaan | ज़े-हाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल दुराय नैनाँ बनाए बतियाँ

  - Ameer Khusrau
ज़े-हाल-ए-मिस्कींमकुनतग़ाफ़ुलदुरायनैनाँबनाएबतियाँ
किताब-ए-हिज्राँनदारमजाँलेहूकाहेलगाएछतियाँ
शबान-ए-हिज्राँदराज़चूँज़ुल्फ़रोज़-ए-वसलतचूँउम्र-ए-कोताह
सखीपियाकोजोमैंदेखूँतोकैसेकाटूँअँधेरीरतियाँ
यकायकअज़दिलदोचश्मजादूब-सद-फ़रेबमब-बुर्दतस्कीं
किसेपड़ीहैजोजासुनावेपियारेपीकोहमारीबतियाँ
चूँशम-ए-सोज़ाँचूँज़र्राहैराँज़मेहर-ए-आँ-महबगश्तमआख़िर
नींदनैनाँअंगचैनाँआपआवेभेजेपतियाँ
ब-हक़्क़-ए-आँमहकिरोज़-ए-महशरब-दादमाराफ़रेब'ख़ुसरव'
सपीतमनकेदुरायराखूँजोजाएपाऊँपियाकीखतियाँ
  - Ameer Khusrau
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