koi khushi na koi ranj mustaqil hogaa | कोई ख़ुशी न कोई रंज मुस्तक़िल होगा

  - Ameer Imam
कोईख़ुशीकोईरंजमुस्तक़िलहोगा
फ़नाकेरंगसेहररंगमुत्तसिलहोगा
अजबहैइश्क़अजब-तरहैंख़्वाहिशेंइसकी
कभीकभीतोबिछड़नेतलककोदिलहोगा
बदनमेंहोतोगिलाक्यातमाश-बीनीका
यहाँतोरोज़तमाशा-ए-आब-ओ-गिलहोगा
अभीतोऔरभीचेहरेतुम्हेंपुकारेंगे
अभीवोऔरभीचेहरोंमेंमुंतक़िलहोगा
ज़ियाँमज़ीदहैअस्बाबढूँढतेरहना
हुआहैजोवोहोनेपेमुश्तमिलहोगा
तमाम-रातभटकताफिराहैसड़कोंपर
हुईहैसुब्हअभीशहरमुज़्महिलहोगा
  - Ameer Imam
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