ki jaise koi musaafir watan men laut aa.e | कि जैसे कोई मुसाफ़िर वतन में लौट आए

  - Ameer Imam
किजैसेकोईमुसाफ़िरवतनमेंलौटआए
हुईजोशामतोफिरसेथकनमेंलौटआए
आबशारसहरालगासकेक़ीमत
हमअपनीप्यासकोलेकरदहनमेंलौटआए
सफ़रतवीलबहुतथाकिसीकीआँखोंतक
तोउसकेबादहमअपनेबदनमेंलौटआए
कभीगएथेहवाओंकासामनाकरने
सभीचराग़उसीअंजुमनमेंलौटआए
किसीतरहतोफ़ज़ाओंकीख़ामुशीटूटे
तोफिरसेशोर-ए-सलासिलचलनमेंलौटआए
'अमीर'इमामबताओयेमाजराक्याहै
तुम्हारेशे'रउसीबाँकपनमेंलौटआए
  - Ameer Imam
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