ban ke aañsu mirii aankhoñ men samaane waale | बन के आँसू मिरी आँखों में समाने वाले

  - Ameer Hamza Salfi
बनकेआँसूमिरीआँखोंमेंसमानेवाले
ख़ैरहोतेरीमुझेछोड़केजानेवाले
आख़िरशकौनसारस्ताहैजिधरजातेहैं
छोड़करराहमेंयेसाथनिभानेवाले
हमतोशे'रोंकोउदासीकेसबबकहतेहैं
जानेक्यूँजलतेहैंफिरहमसेज़मानेवाले
जगहेंकुछहोतींनहींयारतुम्हारेलाएक़
हरजगहहोतेहोतुमपाँवजमानेवाले
अपनी'उम्रेंभीबिताईंकिजतनलाखकिए
फिरभीनाकामरहेहक़कोदबानेवाले
वोक्याजानेहैंयेतासीरक़लमकी'हमज़ा'
लोगहोतेहैंजोतलवारचलानेवाले
  - Ameer Hamza Salfi
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