अर्ज़-ए-मुद्दआकरतेक्यूँँनहींकियाहमने
ख़्वाहिशोंकोहसरतमेंख़ुदबदलदियाहमने
नितनईउमीदोंकेटाँकटाँककरपैवंद
ज़िंदगीकेदामनकोउम्र-भरसियाहमने
रंज-ओ-ग़मउठाएहैंफ़िक्र-ओ-फ़नभीपाएहैं
ज़िंदगीकोजितनाभीजीसकेजियाहमने
सुब्हकानयासूरजकुछतोरौशनीलेगा
शामसेजलायाहैआसकादियाहमने
दाग़-ए-दिलकीज़रदारीमुफ़्तहाथकबआई
ख़ाकहोकेपायाहैराज़-ए-कीमियाहमने