aink ke dono sheeshe hi atte hue the dhool men | ऐनक के दोनों शीशे ही अटे हुए थे धूल में

  - Ameeq Hanafi
ऐनककेदोनोंशीशेहीअटेहुएथेधूलमें
हाथपड़गयाकाँटोंपरफूलोंकेबदलेभूलमें
छूतेहीआशाएँबिखरींजैसेसपनेटूटगए
किसनेअटकाएथेयेकाग़ज़केफूलबबूलमें
इश्क़केहिज्जेभीजोजानेंवोहैंइश्क़केदावेदार
जैसेग़ज़लेंरटकरगातेहैंबच्चेस्कूलमें
अबरातोंकोभीबाज़ारोंमेंआवाराफिरतेहैं
पहलेभँवरेहोजातेथेबंदकँवलकेफूलमें
मोटीडालोंवालेपेड़केपत्तेकैसेपीलेहैं
किसनेदेखाकौनरोगहैछुपाहुआजड़मूलमें
  - Ameeq Hanafi
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