akshar raat ga.e tak main chaukhat par baitha rehta hooñ | अक्सर रात गए तक मैं चौखट पर बैठा रहता हूँ

  - Ameeq Hanafi
अक्सररातगएतकमैंचौखटपरबैठारहताहूँ
सिगरेटपीताचाँदकोतकतामनमेंबिकतारहताहूँ
रैकपेरखकरभूलगयाथाउसकेचेहरेऐसीकिताब
हाथमेंजबजातीहैतोपहरोंपढ़तारहताहूँ
मरमरकापत्थरबनजातीहैजबपूरेचाँदकीरात
अपनीनज़रोंकीछीनीसेमूरतेंघड़तारहताहूँ
आख़िरीशोसेलौटनेवालेभीग़ाएबहोजातेहैं
मैंजानेकिनतस्वीरोंमेंकबतकखोयारहताहूँ
  - Ameeq Hanafi
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