zamaane-bhar se juda aur ba-kamaal koi | ज़माने-भर से जुदा और बा-कमाल कोई

  - Ambar Kharbanda
ज़माने-भरसेजुदाऔरबा-कमालकोई
मिरेख़यालोंमेंरहताहैबे-मिसालकोई
जानेकितनीहीरातोंकाजागनाठहरा
मिरेवजूदसेउलझाहैजबख़यालकोई
तुम्हींबताओकिफिरगुफ़्तुगूसेक्याहासिल
जवाबहोनेकीज़िदकरलेजबसवालकोई
करमकेबख़्शदियातूनेमुश्किलोंकापहाड़
अबइसपहाड़सेरस्तामगरनिकालकोई
गुज़ारनेथेयहीचारदिनगुज़ारदिए
कोईरंजशिकवाअबमलालकोई
हमारेसाथदुआएँबहुतथींअपनोंकी
कभीसुकूनसेगुज़रामगरसालकोई
  - Ambar Kharbanda
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