aaj phir dhoop ki shiddat ne badaa kaam kiya | आज फिर धूप की शिद्दत ने बड़ा काम किया

  - Ambar Bahraichi
आजफिरधूपकीशिद्दतनेबड़ाकामकिया
हमनेइसदश्तकोलम्होंमेंकँवल-फ़ामकिया
मेरेहुजरेकोभीतशहीरमिलीउसकेसबब
औरआँधीनेभीइसबारबहुतनामकिया
रोज़हमजलतीहुईरेतपेचलतेहीथे
हमनेसाएमेंखजूरोंकेभीआरामकिया
दिलकीबाँहोंमेंसजातेरहेआहोंकीधनक
ज़ेहनकोहमनेरह-ए-इश्क़मेंगुम-नामकिया
शहरमेंरहकेयेजंगलकीअदाभूलगए
हमनेइनशोख़ग़ज़ालोंकोअबसरामकिया
अपनेपैरोंमेंभीबिजलीकीअदाएँथींमगर
देखकरतूर-ए-जहाँख़ुदकोसुबुक-गामकिया
शाह-राहोंपेहमींतोनहींमस्लूबहुए
क़त्ल-ए-महताबनेख़ुदकोभीलब-ए-बामकिया
जानेक्यासोचकेफिरइनकोरिहाईदेदी
हमनेअबकेभीपरिंदोंकोतह-ए-दामकिया
ख़त्महोगीयेकड़ीधूपभी'अंबर'देखो
एककोहसारकोमौसमनेगुल-अंदामकिया
  - Ambar Bahraichi
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