na mushk-boo hai na hai zaafaraan ki KHushboo | न मुश्क-बू है न है ज़ाफ़रान की ख़ुशबू

  - Amatul Hai Wafa
मुश्क-बूहैहैज़ाफ़रानकीख़ुशबू
हरीम-ए-जाँमेंहैइकमेहरबानकीख़ुशबू
मैंदेखतीहीनहींख़्वाबऊँचेमहलोंके
मुझेपसंदहैकच्चेमकानकीख़ुशबू
इसीज़मीनमेंइकदिनपनाहलेनीहै
किइसज़मीनमेंहैआसमानकीख़ुशबू
कहींभीजाऊँमिरेसाथसाथरहतीहै
किसीकीयादकिसीकेध्यानकीख़ुशबू
मिरेगुलाबसेचेहरेपेक्याकहूँकैसे
बहार-ए-नौहैमिरेख़ानदानकीख़ुशबू
किसीसेमिलनेकेबा'दगयायक़ींमुझको
दिलोंकोछूतीहैमीठीज़बानकीख़ुशबू
पुकाराजबभीकिसीनेमुझेवफ़ाकहकर
बदलगईहैयक़ींमेंगुमानकीख़ुशबू
  - Amatul Hai Wafa
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