नवोजज़्बातकीलहरेंनएहसासातकादरिया
लिएफिरताहूँआँखोंमेंअजबख़दशातकादरिया
मचलतीशोख़मौजोंकोमैंअपनेनामक्यूँँलिक्खूँ
किआख़िरख़ुश्कहोगामौसम-ए-बरसातकादरिया
किसेमा'लूमयेकश्तीलगेकिसघाटपरजाकर
बहालेजाएक्याजानेकिधरहालातकादरिया
कहाँइसआँखकाजुगनूकिचमकेभीतोछुपनेको
कहाँहमबेकसोंकीबातिनीज़ुल्मातकादरिया
हवाएँचुपख़लावीराँफ़ज़ाग़मगींसफ़रमुश्किल
रवाँहद्द-ए-नज़रतकजब्रकेलम्हातकादरिया
ज़बाँकीख़ामुशीतक़रीरकोदफ़नानहींसकती
नहींरुकता'फ़िगार'अलफ़ाज़-ओ-तख़लीक़ातकादरिया