hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Aman Mishra 'Anant'
aise koi an ban nain hai
aise koi an ban nain hai | ऐसे कोई अन बन नइँ है
- Aman Mishra 'Anant'
ऐसे
कोई
अन
बन
नइँ
है
बस
मेरे
मन
का
मन
नइँ
है
उलझन
में
जीवन
है
मेरा
पर
जीवन
में
उलझन
नइँ
है
इतना
एकाकी
हूँ
प्यारों
अब
साथ
अकेलापन
नइँ
हैं
वरना
मजनू
कोटा
होता
जन्नत
में
आरक्षन
नइँ
है
मैं
भी
कोई
मोहन
नइँ
हूँ
तू
भी
कोई
जोगन
नइँ
है
बेड़ी
में
भी
छन
छन
नइँ
है
पत्थर
में
भी
धड़कन
नइँ
है
मंडप
में
बैठा
हूँ
मैं
पर
क्यूँँ
तू
मेरी
दुल्हन
नइँ
है
- Aman Mishra 'Anant'
Download Ghazal Image
जो
सावन
होते
सूखा,
उस
फूल
पे
लानत
हो
मुझ
पे
लानत,
तेरे
होते,
यार
उदासी
है
Siddharth Saaz
Send
Download Image
27 Likes
दुख
तो
बहुत
मिले
हैं
मोहब्बत
नहीं
मिली
यानी
कि
जिस्म
मिल
गया
औरत
नहीं
मिली
मुझको
पिता
की
आँख
के
आँसू
तो
मिल
गए
मुझको
पिता
से
ज़ब्त
की
आदत
नहीं
मिली
Read Full
Abhishar Geeta Shukla
Send
Download Image
52 Likes
ख़ून
से
जोड़ा
हुआ
हर
ईंट
ढेला
हो
गया
दो
तरफ़
चूल्हे
जले
औ'
घर
अकेला
हो
गया
Dhiraj Singh 'Tahammul'
Send
Download Image
5 Likes
पहले
तो
वो
हाथ
पकड़कर
कमरे
से
बाहर
लाया
और
फिर
मुझको
इस
दुनिया
में
यार
अकेला
छोड़
गया
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
38 Likes
जिसे
जो
जी
में
आता
है
सो
लिखता
है
बड़ा
मुश्किल
है
कह
पाना
क़लम
का
दुख
Harsh saxena
Send
Download Image
8 Likes
उस
ख़ूब-रू
से
रब्त
ज़रा
कम
हुआ
मेरा
ये
देख
कर
उदासी
मेरे
संग
लग
गई
Siddharth Saaz
Send
Download Image
20 Likes
हम
तो
बचपन
में
भी
अकेले
थे
सिर्फ़
दिल
की
गली
में
खेले
थे
Javed Akhtar
Send
Download Image
45 Likes
ख़ुदा
को
मान
कि
तुझ
लब
के
चूमने
के
सिवा
कोई
इलाज
नहीं
आज
की
उदासी
का
Zafar Iqbal
Send
Download Image
51 Likes
पेड़
को
काटने
वाले
क्या
जाने
दुख
हम
गले
लग
नहीं
सकते
दीवार
से
Neeraj Neer
Send
Download Image
49 Likes
उसी
मक़ाम
पे
कल
मुझ
को
देख
कर
तन्हा
बहुत
उदास
हुए
फूल
बेचने
वाले
Jamal Ehsani
Send
Download Image
63 Likes
Read More
ये
इक
रोज़
बिछड़
जाने
का
डर
मौला
डाल
गया
है
मेरे
मन
में
घर
मौला
या
तो
उसको
लिख
मेरी
क़िस्मत
में
तू
या
फिर
मेरे
सजदे
वापस
कर
मौला
Read Full
Aman Mishra 'Anant'
Send
Download Image
16 Likes
हूँ
सभी
को
इधर
बुरा
मैं
क़ैस
एक
लड़की
का
देवता
मैं
क़ैस
साँस
लेनी
इधर
हैं
कैसे
बोल
हूँ
अभी
दश्त
में
नया
मैं
क़ैस
Read Full
Aman Mishra 'Anant'
Send
Download Image
8 Likes
कब
तक
आपा
खोया
जाए
रोकर
कितना
रोया
जाए
इस
सेे
पहले
सपने
आएँ
बेहतर
होगा
सोया
जाए
कुछ
लम्हें
भी
काफ़ी
है
क्यूँँ
भार
जनम
का
ढोया
जाए
Read Full
Aman Mishra 'Anant'
Download Image
2 Likes
हूँ
यूँँ
टूटा
नहीं
था
जानता
मैं
मुझे
मेरी
हँसी
से
ख़ुश
लगा
मैं
उसे
मिलना
तो
था
बेबाक
होकर
वो
आई
सामने
तो
बिछ
गया
मैं
Read Full
Aman Mishra 'Anant'
Send
Download Image
1 Like
पूजित
तुलसी
हर
दिन
बतलाती
थी
माँ
सूरज
से
पहले
उठ
जाती
थी
मुझको
वैसे
पढ़नी
है
ये
दुनिया
जैसे
नानी
मानस
पढ़वाती
थी
Read Full
Aman Mishra 'Anant'
Send
Download Image
12 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Tamanna Shayari
Aarzoo Shayari
Dariya Shayari
Mazhab Shayari
Muskurahat Shayari