girte rahte hain phir sambhalte hain | गिरते रहते हैं फिर सँभलते हैं

  - Altaf Tanveer
गिरतेरहतेहैंफिरसँभलतेहैं
फिरउसीरास्तेपेचलतेहैं
जलतेहैंआगमेंबदनलेकिन
दिलफ़क़तइश्क़हीमेंजलतेहैं
एकमुद्दतसेदिलकेमंदिरमें
कुछउम्मीदोंकेदीपजलतेहैं
रिज़्क़देनाउसीकीक़ुदरतहै
पत्थरोंमेंभीकीड़ेपलतेहैं
मोमकीतरहदिलभीपत्थरके
वक़्तकीधूपमेंपिघलतेहैं
सिर्फ़हालातहीनहींप्यारे
हाँख़यालातभीबदलतेहैं
कोईख़ामोशभीरहेकितना
दिलमेंजज़्बाततोमचलतेहैं
मक्रतनवीरजिसकाशेवाहै
ऐसीदुनियासेदूरचलतेहैं
  - Altaf Tanveer
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