kaun utara nazar ke zeene se | कौन उतरा नज़र के ज़ीने से

  - Altaf Mashhadi
कौनउतरानज़रकेज़ीनेसे
महफ़िल-ए-दिलसजीक़रीनेसे
शैख़-साहिबमुझेअक़ीदतहै
गुनगुनातेहुएमहीनेसे
मयकोगुल-रंगकरदियाकिसने
ख़ूनलेकरकलीकेसीनेसे
कोईसाहिलनाख़ुदाअपना
हमतोमानूसहैंसफ़ीनेसे
किसकाएजाज़हैकिरिंदोंको
चैनमिलताहैआगपीनेसे
पीकेजीतेहैंजीकेपीतेहैं
हमकोरग़बतहैऐसेजीनेसे
मयकितक़्दीसकाजवाबकहाँ
दाग़धुलतेहैंदिलकेपीनेसे
हाए'अलताफ़'वोउरूस-ए-बहार
झाँकतीहैजोआबगीनेसे
  - Altaf Mashhadi
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