हैजुस्तुजूकिख़ूबसेहैख़ूब-तरकहाँ
अबठहरतीहैदेखिएजाकरनज़रकहाँ
हैंदौर-ए-जाम-ए-अव्वल-ए-शबमेंख़ुदीसेदूर
होतीहैआजदेखिएहमकोसहरकहाँ
यारबइसइख़्तिलातकाअंजामहोब-ख़ैर
थाउसकोहमसेरब्तमगरइसक़दरकहाँ
इकउम्रचाहिएकिगवाराहोनीश-ए-इश्क़
रक्खीहैआजलज़्ज़त-ए-ज़ख़्म-ए-जिगरकहाँ
बसहोचुकाबयाँकसल-ओ-रंज-ए-राहका
ख़तकामिरेजवाबहैऐनामा-बरकहाँ
कौनओमकाँसेहैदिल-ए-वहशीकनारा-गीर
इसख़ानुमाँ-ख़राबनेढूँडाहैघरकहाँ
हमजिसपेमररहेहैंवोहैबातहीकुछऔर
आलममेंतुझसेलाखसहीतूमगरकहाँ
होतीनहींक़ुबूलदु'आतर्क-ए-इश्क़की
दिलचाहतानहोतोज़बाँमेंअसरकहाँ
'हाली'नशात-ए-नग़्मा-ओ-मयढूँढतेहोअब
आएहोवक़्त-ए-सुब्हरहेरातभरकहाँ