haqeeqat mehram-e-asraar se pooch | हक़ीक़त महरम-ए-असरार से पूछ

  - Altaf Hussain Hali
हक़ीक़तमहरम-ए-असरारसेपूछ
मज़ाअंगूरकामय-ख़्वारसेपूछ
वफ़ाअग़्यारकीअग़्यारसेसुन
मिरीउल्फ़तदरदीवारसेपूछ
हमारीआह-ए-बे-तासीरकाहाल
कुछअपनेदिलसेकुछअग़्यारसेपूछ
दिलोंमेंडालनाज़ौक़-ए-असीरी
कमंद-ए-गेसू-ए-ख़मदारसेपूछ
दिल-ए-महजूरसेसुनलज़्ज़त-ए-वस्ल
नशात-ए-आफ़ियतबीमारसेपूछ
नहींजुज़गिर्या-ए-ग़महासिल-ए-इश्क़
हमारीचश्म-ए-दरिया-बारसेपूछ
नहींआब-ए-बक़ाजुज़जल्वा-ए-दोस्त
किसीलब-तिश्ना-ए-दीदारसेपूछ
फ़रेब-ए-वादा-ए-दिलदारकीक़द्र
शहीद-ए-ख़ंजर-ए-इंकारसेपूछ
फ़ुग़ान-ए-शौक़कोमानेनहींवस्ल
येनुक्ताअंदलीब-ए-ज़ारसेपूछ
तसव्वुरमेंकियाकरतेहैंजोहम
वोतस्वीर-ए-ख़याल-ए-यारसेपूछ
मता-ए-बे-बहाहैशेर-ए-'हाली'
मिरीक़ीमतमिरीगुफ़्तारसेपूछ
  - Altaf Hussain Hali
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