dil par kisi ki baat ka aisa asar na tha | दिल पर किसी की बात का ऐसा असर न था

  - Alok Mishra
दिलपरकिसीकीबातकाऐसाअसरथा
पहलेमैंइसतरहसेकभीदर-ब-दरथा
चारोंतरफ़थेधूपकेजंगलहरे-भरे
सहरामेंकोईमेरेअलावाशजरथा
तारेभीशबकीझीलमेंग़र्क़ाबहोगए
मेरीउदासियोंकाकोईहम-सफ़रथा
फ़ुर्क़तकीआँचथीतिरीयादकीतपिश
दिलसर्दपड़रहाथाकहींइकशररथा
कलशबजानेकौनसेग़मथेउफानपर
अश्कोंसेइसक़दरमैंकभीतर-ब-तरथा
  - Alok Mishra
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