safar hai zehan ka to koi rehnuma le ja | सफ़र है ज़ेहन का तो कोई रहनुमा ले जा

  - Alimullah Hali
सफ़रहैज़ेहनकातोकोईरहनुमालेजा
मिरासुकूतहोतोमरीसदालेजा
हरएकसम्तहैदश्त-ए-सुकूतकीवुसअत
बचाकेयेरविश-ए-अर्ज़-ए-मुद्दआलेजा
मैंज़ेर-ए-संगइसीतीरगीमेंजीलूँगा
तूअपनीनर्मशुआओंकाक़ाफ़िलालेजा
कुछऔरचाटलेसहरा-ए-गुमरहीकानमक
जोगयाहैतूराहोंकाज़ाइक़ालेजा
बिखरकेछूटजाऊँतिरीगिरफ़्तसेमैं
सँभालकरमुझेमौज-ए-ख़ुश-अदालेजा
  - Alimullah Hali
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