किसतरहजाऊँकियेआएहुएरातमेंहैं
येअंधेरेनहींहैंसाएमिरीघातमेंहैं
मिलतारहताहूँमैंउनसेतोयेमिललेतेहैं
यारअबदिलमेंनहींरहतेमुलाक़ातमेंहैं
येतोनाकामअसासाहैसमुंदरकेपास
कुछग़ज़बनाकसीलहरेंमिरेजज़्बातमेंहैं
येधुएँमेंजोनज़रआतेहैंसरसब्ज़यहाँ
येमकाँशहरमेंहोकरभीमज़ाफ़ातमेंहैं
दिलकाछूनाथाकिजज़्बातहुएपत्थरके
ऐसालगताहैकिहमशहर-ए-तिलिस्मातमेंहैं
मैंहीतकरारहूँऔरमैंहीमुकर्ररहूँयहाँ
वक़्तपरचलतेहुएदिनमिरीऔक़ातमेंहैं