aaj bhi tingi ki qismat men | आज भी तिनगी की क़िस्मत में

  - Ali Zaryoun
आजभीतिनगीकीक़िस्मतमें
सम-ए-क़ातिलहैसलसबीलनहीं
सबख़ुदाकेवकीलहैंलेकिन
आदमीकाकोईवकीलनहीं
हैकुशादाअज़लसेरू-ए-ज़मीं
हरम-ओ-दैरबे-फ़सीलनहीं
ज़िन्दगीअपनेरोगसेहैतबाह
औरदरमाँकीकुछसबीलनहीं
तुमबहुतजाज़िब-ओ-जमीलसही
ज़िंदगीजाज़िब-ओ-जमीलनहीं
करोबहसहारजाओगी
हुस्नइतनीबड़ीदलीलनहीं
  - Ali Zaryoun
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