na aasmaañ ki kahaanii na waan ka qissa likh | न आसमाँ की कहानी न वाँ का क़िस्सा लिख

  - Ali Zaheer Rizvi Lakhnavi
आसमाँकीकहानीवाँकाक़िस्सालिख
उठादवातक़लमआदमीकाचेहरालिख
हज़ारशोरसमेटेहुएहैमेरावजूद
मिरेवजूदकेसहराकोचश्म-ए-दरियालिख
बिना-ए-मौसम-ए-ग़म-हा-ए-ज़ातहैदुनिया
इसेतूरश्क-ए-इरमलिखकिशाख़-ए-तूबालिख
वोनूरफैलावोफूटीकोईकिरनताज़ा
तमामउम्रअँधेराहीथाऐसालिख
जोमौतपीगयाइकजाम-ए-अम्बगींकीतरह
उसेतूमौतकीमंज़िलकाइकमसीहालिख
वोअजनबीतोज़राअजनबीनहींलगता
उसेतोग़ैरकहकोईहैवोअपनालिख
बिछड़गयाहैतोक्यासाथभीतोथाबरसों
'ज़हीर'रूहबदनकाउसेतूरिश्तालिख
  - Ali Zaheer Rizvi Lakhnavi
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