दिलयेकहताहैकिइकआलम-ए-मुज़्तरदेखूँ
बारिश-ए-संगमेंलोगोंकोखुलेसरदेखूँ
फिरवोमूसीकाअसानीलकाशक़होजाना
फ़ौजफ़िरऔनकामैंडूबतामंज़रदेखूँ
आइनेतोड़केदौड़ूँमैंकिसीजंगलको
अपनीसूरतकोकिसीझीलकेअंदरदेखूँ
मेरासबलेलोमुझेएकमोहब्बतदेदो
शहरमेंऐसीभीआवाज़लगाकरदेखूँ
जानताहूँकिछुपाहैवोकहींसीनेमें
काशइसदर्दकीसूरतकोमैंबाहरदेखूँ
उसनेइकरोज़मोहब्बतसेबुलायाथामुझे
मैंतोहररोज़उसेअपनेबराबरदेखूँ
दूरतकएकहीमंज़रहैमकानोंका'ज़हीर'
किसतरफ़जाऊँमैंकिसओरमिराघरदेखूँ