aab men zaaika-e-sheer nahin ho saka | आब में ज़ाइक़ा-ए-शीर नहीं हो सकता

  - Ali Yasir
आबमेंज़ाइक़ा-ए-शीरनहींहोसकता
ख़्वाबतोख़्वाबहैता'बीरनहींहोसकता
मुझकोपाबंद-ए-सलासिलकोईजितनाकरले
परमिराअज़्मतोज़ंजीरनहींहोसकता
हरतरफ़ग़ुलहैशहंशाहकीमर्ज़ीकेबग़ैर
अबकोईलफ़्ज़भीतहरीरनहींहोसकता
रिज़्क़जैसाहैमुक़द्दरमेंलिखाहोताहै
फ़नकिसीशख़्सकीजागीरनहींहोसकता
हमनेदरवाज़ा-ए-मिज़्गाँपेसजारक्खाहै
वोसिताराकिजोतस्ख़ीरनहींहोसकता
  - Ali Yasir
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