kitnii aashaon ki laashen sookhe dil ke aangan men | कितनी आशाओं की लाशें सूखें दिल के आँगन में

  - Ali Sardar Jafri
कितनीआशाओंकीलाशेंसूखेंदिलकेआँगनमें
कितनेसूरजडूबगएहैंचेहरोंकेपीले-पनमें
बच्चोंकेमीठेहोंटोंपरप्यासकीसूखीरेतजमी
दूधकीधारेंगाएकेथनसेगिरगईंनागोंकेफनमें
रेगिस्तानोंमेंजलतेहैंपड़ेहुएसौनक़्श-ए-क़दमपर
आजख़िरामाँकोईनहींहैउम्मीदोंकेगुलशनमें
चकना-चूरहुआख़्वाबोंकादिलकशदिलचस्पआईना
टेढ़ीतिरछीतस्वीरेंहैंटूटे-फूटेदर्पनमें
पा-ए-जुनूँमेंपड़ीहुईहैंहिर्स-ओ-हवाकीज़ंजीरें
क़ैदहैअबतकहाथसहरकातारीकीकेकंगनमें
आँखोंकीकुछनौरसकलियाँनीम-शगुफ़्ताग़ुंचा-ए-लब
कैसेकैसेफूलभरेहैंगुल्चीनोंकेदामनमें
दस्त-ए-ग़ैबकीतरहछुपाहैज़ुल्मकाहाथसितमकावार
ख़ुश्कलहूकीबारिशदेखीहमनेकूचा-ओ-बर्ज़नमें
  - Ali Sardar Jafri
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