darakht mujh ko nayi kahaanii suna rahe hain | दरख़्त मुझ को नई कहानी सुना रहे हैं

  - Ali Qaisar
दरख़्तमुझकोनईकहानीसुनारहेहैं
कियेपरिंदेगएदिनोंमेंख़ुदारहेहैं
मैंकुछदिनोंमेंख़ुदासमिलनेकोजारहाहूँ
मुझेलकीरोंकोपढ़नेवालेबतारहेहैं
तमामशहरोंकोदुश्मनोंनेबचालियाहै
मिरेसिपाहीबसअपनीजानेंबचारहेहैं
सिसकरहेहैंतमामवा'दानिभानेवाले
किहमयेकैसीअज़िय्यतोंकोनिभारहेहैं
किसीनेखिड़कीकोखोलनाहैतोदेखनाहै
सोहमगलीमेंगुलोंकेझुरमुटलगारहेहैं
बिछड़नेवालेनेकबपलटकरयेदेखनाहै
किग़मबदनकेतमामहिस्सोंकोखारहेहैं
येपेड़वाक़िफ़हैंइनफ़ुसूँ-ख़ेज़ख़ुशबुओंसे
सोएहतिरामनतमामसरकोझुकारहेहैं
  - Ali Qaisar
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