tanhaaii tumhaari bhi zaroorat to nahin hai | तन्हाई तुम्हारी भी ज़रूरत तो नहीं है

  - Ali Kazim
तन्हाईतुम्हारीभीज़रूरततोनहींहै
तुमकोभीकहींदर्द-ए-मोहब्बततोनहींहै
मुँहफेरलियातुमनेहमेंदेखनेकेबाद
येचीज़तुम्हारीकहींआदततोनहींहै
वोमाँगतेहैंआजगुनाहोंकीमुआ'फ़ी
या-रबबतादेआजक़यामततोनहींहै
मैंचाहताहूँचाँदतुम्हेंकहकेपुकारूँ
फिरसोचताहूँकोईहिमाक़ततोनहींहै
दौलतमिलीतोठीकसेमिलनेलगेहैंलोग
इंसानकीपहचानयेदौलततोनहींहै
  - Ali Kazim
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