sar bache ya na bache turra-e-dastaar gaya | सर बचे या न बचे तुर्रा-ए-दस्तार गया

  - Ali Iftikhar Jafri
सरबचेयाबचेतुर्रा-ए-दस्तारगया
शाह-ए-कज-फ़हमकोशौक़-ए-दो-सरीमारगया
अबकिसीऔरख़राबेमेंसदादेगाफ़क़ीर
याँतोआवाज़लगानामिराबेकारगया
सरकशोशुक्रकरोजा-ए-शिकायतनहींदार
सरगयाबारगयाताना-ए-अग़्यारगया
अव्वलींचालसेआगेनहींसोचामैंने
ज़ीस्तशतरंजकीबाज़ीथीसोमैंहारगया
सदअय्यामपेपटख़ेहैदिवानासरको
जिसकोचाहाकिजाएवहीइसबारगया
  - Ali Iftikhar Jafri
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy