dil ko shaista-e-ehsaas-e-tamanna na karen | दिल को शाइस्ता-ए-एहसास-ए-तमन्ना न करें

  - Aleem Akhtar
दिलकोशाइस्ता-ए-एहसास-ए-तमन्नाकरें
आपइसअंदाज़-ए-नज़रसेमुझेदेखाकरें
यक-ब-यकलुत्फ़इनायतकाइरादाकरें
आपयूँँअपनीजफ़ाओंकोतमाशाकरें
उनकोयेफ़िक्रहैअबतर्क-ए-त'अल्लुक़करके
किहमअबपुर्सिश-ए-अहवालकरेंयाकरें
हाँमिरेहालपेहँसतेहैंज़मानेवाले
आपतोवाक़िफ़-ए-हालातहैंऐसाकरें
उनकीदुज़-दीदा-निगाहीकातक़ाज़ाहैकिअब
हमकिसीऔरकोक्याख़ुदकोभीदेखाकरें
वोत'अल्लुक़हैतिरेग़मसेकिअल्लाहअल्लाह
हमकोहासिलहोख़ुशीभीतोगवाराकरें
इसमेंपोशीदाहैपिंदार-ए-मोहब्बतकीशिकस्त
आपमुझसेभीमिरेहालकोपूछाकरें
रहातेरीमोहब्बतसेत'अल्लुक़सही
निस्बत-ए-ग़मसेभीक्याख़ुदकोपुकाराकरें
मैंकिख़ुदअपनीवफ़ाओंपेख़जिलहूँ'अख़्तर'
वोतोलेकिनसितमजौरसेतौबाकरें
  - Aleem Akhtar
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