naye sire se koi safar aaghaaz nahin karta | नए सिरे से कोई सफ़र आग़ाज़ नहीं करता

  - Alam Khursheed
नएसिरेसेकोईसफ़रआग़ाज़नहींकरता
जानेक्यूँँअबदिलमेरापरवाज़नहींकरता
कितनीबुरीआदतहैमैंख़ामोशहीरहताहूँ
जबतकमुझसेकोईसुख़नआग़ाज़नहींकरता
कैसेज़िंदारहताहूँमैंज़हरकोपीकरअब
दीवार-ओ-दरकोभीतोहमराज़नहींकरता
ताज़ाहवाकेझोंकेअक्सरआतेरहतेहैं
आख़िरक्यूँँमैंअपनेदरीचेबाज़नहींकरता
जानेकैसारागबजानासीखलियादिलने
मेरीसंगतअबकोईदम-साज़नहींकरता
अहल-ए-हुनरकीआँखोंमेंक्यूँँचुभतारहताहूँ
मैंतोअपनीबे-हुनरीपरनाज़नहींकरता
मुझमेंकुछहोगातोदुनियाख़ुदझुकजाएगी
मैंनेज़ेपरसरअपनाअफ़राज़नहींकरता
वक़्तकेसारेचक्करहैंये'आलम'-जीवर्ना
यहाँकिसीकोकोईनज़र-अंदाज़नहींकरता
  - Alam Khursheed
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