main jidhar jaaun mira KHvaab nazar aata hai | मैं जिधर जाऊँ मिरा ख़्वाब नज़र आता है

  - Alam Khursheed
मैंजिधरजाऊँमिराख़्वाबनज़रआताहै
अबतआक़ुबमेंवोमहताबनज़रआताहै
गूँजतीरहतीहैंसाहिलकीसदाएँमुझमें
औरसमुंदरमुझेबेताबनज़रआताहै
इतनामुश्किलभीनहींयारयेमौजोंकासफ़र
हरतरफ़क्यूँँतुझेगिर्दाबनज़रआताहै
क्यूँँहिरासाँहैज़रादेखतोगहराईमें
कुछचमकतासातह-ए-आबनज़रआताहै
मैंतोतपताहुआसहराहूँमुझेख़्वाबोंमें
बे-सबबख़ित्ता-ए-शादाबनज़रआताहै
राहचलतेहुएबेचारीतही-दस्तीको
संगभीगौहर-ए-नायाबनज़रआताहै
येनएदौरकाबाज़ारहै'आलम'-साहिब
इसजगहटाटभीकम-ख़्वाबनज़रआताहै
  - Alam Khursheed
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