kuchh is ada se aaj meri or dekhti hai vo | कुछ इस अदास आज मेरी ओर देखती है वो

  - Ankit Yadav
कुछइसअदासआजमेरीओरदेखतीहैवो
किलगरहाहैमुद्दतोंकेबादमेंमिलीहैवो
वोसोचतीहैमेरापहलापहलाइश्क़हैमगर
अबउससेक्याकहूँकिमेराजिस्मआख़िरीहैवो
मैंपहलेउसकीज़ुल्फ़कीहरइकगिरहकोखोलदूँ
फिरउसकेदरमियाँगुज़रकेदेखलूँनदीहैवो
गुज़ररहाहूँमैंबदलबदलकरअपनेरास्ते
पलटकेदेखताहूँतोउसीजगहखड़ीहैवो
वोबेशक़ीमतीसमझरहीहैअपनेआपको
अगरसमझरहीहैफिरतोबेशक़ीमतीहैवो
नज़रमेंइश्क़हैमगरज़बानपरनहींनहीं
वोमुॅंहपेझूठबोलताहैकैसाआदमीहैवो
  - Ankit Yadav
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