भलेकितनाहमेंदफ़्तरपुकारेक्याहीआएँगे
मुहब्बतरिज़्क़होजिनकाकमानेक्याहीआएँगे
मैंअंधाहोगयाहूँअबज़रासीबदगुमानीमें
किआँखेंफोड़नेकेबादसपनेक्याहीआएँगे
अगरचेहुस्नकेदमपरतरक़्क़ीमिलनीहैतोफिर
बुलंदीपरहुनरलबरेज़लडक़ेक्याहीआएँगे
मिराबचपनभीगुज़राहैमुहल्लेकेफ़सादोंमें
मिरीजानिबकोखिड़कीसेइशारेक्याहीआएँगे
क़बीलेमेंमुहब्बतकीसज़ामेंपाँवकटतेहैं
हमारेहिस्सेमेंअबसातफेरेक्याहीआएँगे
तिरीज़ंजीरकीखनखननेबहराकरदियामुझको
तिरीपाज़ेबकीछनछनकोसुनकेक्याहीआएँगे