khayal usii ki taraf baar baar jaata hai | ख़याल उसी की तरफ़ बार बार जाता है

  - Akhtar Nazmi
ख़यालउसीकीतरफ़बारबारजाताहै
मिरेसफ़रकीथकनकौनउतारजाताहै
येउसकाअपनातरीक़ाहैदानकरनेका
वोजिससेशर्तलगाताहैहारजाताहै
येखेलमेरीसमझमेंकभीनहींआया
मैंजीतजाताहूँबाज़ीवोमारजाताहै
मैंअपनीनींददवाओंसेक़र्ज़लेताहूँ
येक़र्ज़ख़्वाबमेंकोईउतारजाताहै
नशाभीहोताहैहल्कासाज़हरमेंशामिल
वोजबभीमिलताहैइकडंकमारजाताहै
मैंसबकेवास्तेकरताहूँकुछकुछ'नज़मी'
जहाँजहाँभीमिराइख़्तियारजाताहै
  - Akhtar Nazmi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy