mere lahu men us ne naya rang bhar diya | मेरे लहू में उस ने नया रंग भर दिया

  - Akhtar Hoshiyarpuri
मेरेलहूमेंउसनेनयारंगभरदिया
सूरजकीरौशनीनेबड़ाकामकरदिया
हाथोंपेमेरेअपनेलहूकानिशानथा
लोगोंनेउसकेक़त्लकाइल्ज़ामधरदिया
गंदुमकाबीजपानीकीछागलऔरइकचराग़
जबमैंचलातोउसनेयेज़ाद-ए-सफ़रदिया
जागातोमाहताबकीकुंजीसिरहानेथी
मैंख़्वाबमेंथाजबमुझेरौशननगरदिया
उसकोतोउसकेशहरनेकुछभीदियानहीं
औरउसनेफिरभीशहरकोतोहफ़ेमेंसरदिया
मेराबदनतोरद्द-ए-अमलमेंख़मोशथा
मेरीज़बाँनेज़ाइक़ा-ए-ख़ुश्क-ओ-तरदिया
वोहर्फ़-आशनाहैमुझेयेगुमाँथा
उसनेतोसबकोनक़्श-ब-दीवारकरदिया
यूँँभीतोउसनेहौसला-अफ़ज़ाईकीमिरी
हर्फ़-ए-सुख़नकेसाथहीज़ख़्म-ए-हुनरदिया
अख़्तरयहीनहींकिमुझेबाल-ओ-परमिले
उसनेतोउम्रभरमुझेएहसास-ए-परदिया
  - Akhtar Hoshiyarpuri
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