ye vo yaqeen hai jo uljhe yaqeen se niklaa hai | ये वो यक़ीं है जो उलझे यक़ीं से निकला है

  - Akhtar Azmi
येवोयक़ींहैजोउलझेयक़ींसेनिकलाहै
हमारीहाँकायेधागानहींसेनिकलाहै
येदिलहैसबसेबड़ाभीकमाँगनेवाला
ज़िंदगीकाख़ज़ानायहींसेनिकलाहै
तिरेलिएजोयक़ींदिलमेंगयाथामिरे
वोसाँपबनकेमिरीआस्तींसेनिकलाहै
फ़लककीचाहमेंझूटायक़ींज़रूरीहै
येमानलोकिसिताराज़मींसेनिकलाहै
जहाँमैंडूबगयाऔरडूबताहीगया
समुंदरोंकासमुंदरवहींसेनिकलाहै
मुझेपनाहमिरेदिल-नशींनेदीहैसदा
मिरामकानमिरेहीमकींसेनिकलाहै
येख़ार-ए-इश्क़है'अख़्तर'मज़ाहीदेताहै
अगरचुभातोकहाँयेकहींसेनिकलाहै
  - Akhtar Azmi
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