jahaan-e-reg tira aab dekhne ke li.e | जहान-ए-रेग तिरा आब देखने के लिए

  - Akhtar Azmi
जहान-ए-रेगतिराआबदेखनेकेलिए
मिलीहैआँखमुझेख़्वाबदेखनेकेलिए
गहनलगादेअगरज़ुल्फ़सेतूचेहरेपर
मैंआँखफोड़लूँमहताबदेखनेकेलिए
येक्यासितमहैकिआताहूँएकसहरासे
ज़रासीघासकोशादाबदेखनेकेलिए
उठेथेशौक़सेअपनाहीचैनखोबैठे
वोमेरेहालकोबेताबदेखनेकेलिए
लहूकियाहैजोपानीतोअबफ़लाहमिरी
चलीहैझूमकेतालाबदेखनेकेलिए
ज़रासाऔरठहरजातोपरलगेगातिरा
तोहमभीआएँगेसुरख़ाबदेखनेकेलिए
पकड़मेंगयाएहसासछुपकेआयाथा
ग़मोंकीझीलमेंसैलाबदेखनेकेलिए
तुझेपरखहीनहींहैमैंएक'अख़्तर'हूँ
तोफिरतरसतूमिराख़्वाबदेखनेकेलिए
  - Akhtar Azmi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy