mohabbat hai aziyyat hai hujoom-e-yaas-o-hasrat hai | मोहब्बत है अज़िय्यत है हुजूम-ए-यास-ओ-हसरत है

  - Akhtar Ansari
मोहब्बतहैअज़िय्यतहैहुजूम-ए-यास-ओ-हसरतहै
जवानीऔरइतनीदुखभरीकैसीक़यामतहै
वोमाज़ीजोहैइकमजमुआअश्कोंऔरआहोंका
जानेमुझकोइसमाज़ीसेक्यूँँइतनीमोहब्बतहै
लब-ए-दरियामुझेलहरोंसेयूँँहीचहलकरनेदो
किअबदिलकोइसीइकशुग़्ल-ए-बे-मअ'नीमेंराहतहै
तिराअफ़्सानाअफ़्साना-ख़्वाँरंगींसहीमुमकिन
मुझेरूदाद-ए-इशरतसुनकेरोदेनेकीआदतहै
कोईरोएतोमैंबे-वजहख़ुदभीरोनेलगताहूँ
अब'अख़्तर'चाहेतुमकुछभीकहोयेमेरीफ़ितरतहै
  - Akhtar Ansari
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