k | कभी तो डूब चले हम कभी उभरते हुए

  - Akhilesh Tiwari
कभीतोडूबचलेहमकभीउभरतेहुए
ख़ुदअपनीज़ातकेदरियाकोपारकरतेहुए
यहींसेराहकोईआसमाँकोजातीथी
ख़यालआयाहमेंसीढ़ियाँउतरतेहुए
अगरवोख़्वाबहैजोआँखमेंसलामतहै
तोफिरयेक्याहैजिसेदेखताहूँमरतेहुए
सिमटकेख़ुदमेंमिराख़ैरक्याबनाहोता
हवाकेदोशपेथादूरतकबिखरतेहुए
नएसफ़रकीकहींइब्तिदाहोमंज़िल
येपाँवपूछरहेहैंथकनसेडरतेहुए
अभीतोदूरतलकआसमानसूनाथा
कहाँसेगएपंछीउड़ानभरतेहुए
  - Akhilesh Tiwari
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy