hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
''Akbar Rizvi"
yaanii sukoon ae qalb qaza chahta hooñ main
yaanii sukoon ae qalb qaza chahta hooñ main | यानी सुकून ए क़ल्ब क़ज़ा चाहता हूँ मैं
- ''Akbar Rizvi"
यानी
सुकून
ए
क़ल्ब
क़ज़ा
चाहता
हूँ
मैं
इस
दर्दे
ला
दवा
की
दवा
चाहता
हूँ
मैं
- ''Akbar Rizvi"
Download Sher Image
उसूली
तौर
पे
मर
जाना
चाहिए
था
मगर
मुझे
सुकून
मिला
है
तुझे
जुदा
कर
के
Ali Zaryoun
Send
Download Image
78 Likes
हम
अम्न
चाहते
हैं
मगर
ज़ुल्म
के
ख़िलाफ़
गर
जंग
लाज़मी
है
तो
फिर
जंग
ही
सही
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
63 Likes
इतना
तो
ज़िंदगी
में
किसी
के
ख़लल
पड़े
हँसने
से
हो
सुकून
न
रोने
से
कल
पड़े
Kaifi Azmi
Send
Download Image
21 Likes
ग़म
है
तो
कोई
लुत्फ़
नहीं
बिस्तर-ए-गुल
पर
जी
ख़ुश
है
तो
काँटों
पे
भी
आराम
बहुत
है
Kaleem Aajiz
Send
Download Image
41 Likes
सब
से
पुर-अम्न
वाक़िआ
ये
है
आदमी
आदमी
को
भूल
गया
Jaun Elia
Send
Download Image
61 Likes
हुआ
जो
इश्क़
तो
वो
रोज़
ओ
शब
को
भूल
गए
वो
अपने
इश्क़
ए
नुमाइश
में
सब
को
भूल
गए
कहाँ
वो
दुनिया
में
आए
थे
बंदगी
के
लिए
मिला
सुकून
जहाँ
में
तो
रब
को
भूल
गए
Read Full
Hameed Sarwar Bahraichi
Send
Download Image
8 Likes
शबो
रोज़
की
चाकरी
ज़िन्दगी
की
मुयस्सर
हुईं
रोटियाँ
दो
घड़ी
की
नहीं
काम
आएँ
जो
इक
दिन
मशीनें
ज़रूरत
बने
आदमी
आदमी
की
कि
कल
शाम
फ़ुरसत
में
आई
उदासी
बता
दी
मुझे
क़ीमतें
हर
ख़ुशी
की
किया
क्या
अमन
जी
ने
बाइस
बरस
में
कभी
जी
लिया
तो
कभी
ख़ुद-कुशी
की
ग़मों
को
ठिकाने
लगाते
लगाते
घड़ी
आ
गई
आदमी
के
ग़मी
की
ये
सारी
तपस्या
का
कारण
यही
है
मिसालें
बनें
तो
बनें
सादगी
की
Read Full
Aman G Mishra
Send
Download Image
2 Likes
बस्ती
बस्ती
ख़ाक
उड़ाये,
बस
वहशत
का
मारा
हो
उस
सेे
इश्क़
की
आस
न
करना
जिसका
मन
बंजारा
हो
ख़ुद
को
शाइर
कहते
रहना
दिल
को
लाख
सुकूँ
दे
दे
लेकिन
दुनिया
की
नज़रों
में
तुम
अब
भी
आवारा
हो
Read Full
Daagh Aligarhi
Send
Download Image
31 Likes
कुछ
तो
करें
कि
दिल
ये
कहीं
और
जा
लगे
कुछ
देर
के
लिए
सही
आँखों
को
चैन
हो
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
4 Likes
दिल्ली
से
हम
ही
बोला
करें
अम्न
की
बोली
यारो
तुम
भी
कभी
लाहौर
से
बोलो
Rahat Indori
Send
Download Image
69 Likes
Read More
न
सुन
पाएगा
ये
नाज़ुक
ज़माना
बहुत
है
दर्द
मेरी
दास्ताँ
में
''Akbar Rizvi"
Send
Download Image
2 Likes
अपनी
मसनद
को
बचाने
के
लिए
फिर
मुल्क
में
भाइयों
को
एक
दूजे
से
लड़ाया
जाएगा
''Akbar Rizvi"
Send
Download Image
3 Likes
किसी
परिंद
ने
थोड़ी
उड़ान
की
ख़ातिर
ज़मीर
बेच
दिया
और
सुकून
बेच
दिया
''Akbar Rizvi"
Send
Download Image
1 Like
गर
जो
दुश्मन
भी
पिलाए
तो
पिएँगे
हँसकर
चाय
का
हम
सेे
तो
इनकार
नहीं
होता
है
''Akbar Rizvi"
Send
Download Image
3 Likes
सदा
वो
शख़्स
मुक़ाबिल
में
हक़
के
आएगा
शिकम
में
जिस
के
ग़िज़ा
है
हराम
दौलत
की
''Akbar Rizvi"
Send
Download Image
3 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Partition Shayari
Bachpan Shayari
Shadi Shayari
Khushboo Shayari
Baarish Shayari