kaha tha us ne mohabbat ki aabroo rakhna | कहा था उस ने मोहब्बत की आबरू रखना

  - Akbar Hameedi
कहाथाउसनेमोहब्बतकीआबरूरखना
चुभेहोंकितनेभीकाँटेगुलोंकीख़ूरखना
दिलोंकोतोड़डालेतुम्हारीहक़-गोई
बजाएहर्फ़केआईनारू-ब-रूरखना
जोवक़्तअहल-ए-वफ़ासेकभीलहूमाँगे
तोसबसेपहलेलब-ए-तेग़परगुलूरखना
ख़िज़ाँसेहारजानाकिसीभीहालतमें
नुमूमिलेमिलेख़्वाहिश-ए-नुमूरखना
बुराकहनाज़मानेकोहमज़मानाहैं
हमारेब'अदज़मानेसेगुफ़्तुगूरखना
फ़क़ीह-ए-शहरकेफ़तवेकीहैसियतक्याहै
तोख़ुदकोअपनीनिगाहोंमेंसुर्ख़-रूरखना
विसाल-ए-दोस्तकीसाअतभीआनेवालीहै
सहरक़रीबहै'अकबर'अभीवज़ूरखना
  - Akbar Hameedi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy