वोहवानरहीवोचमननरहावोगलीनरहीवोहसींनरहे
वोफ़लकनरहावोसमाँनरहावोमकाँनरहेवोमकींनरहे
वोगुलोंमेंगुलोंकीसीबूनरहीवोअज़ीज़ोंमेंलुत्फ़कीख़ूनरही
वोहसीनोंमेंरंग-ए-वफ़ानरहाकहेंऔरकीक्यावोहमींनरहे
नवोआनरहीनउमंगरहीनवोरिंदीओज़ोहदकीजंगरही
सू-ए-क़िबलानिगाहोंकेरुख़नरहेऔरदरपेनक़्श-ए-जबींनरहे
नवोजामरहेनवोमस्तरहेनफ़िदाई-ए-अहद-ए-अलस्तरहे
वोतरीक़ा-ए-कार-ए-जहाँनरहावोमशाग़िल-ए-रौनक़-ए-दींनरहे
हमेंलाखज़मानालुभाएतोक्यानएरंगजोचर्ख़दिखाएतोक्या
येमुहालहैअहल-ए-वफ़ाकेलिएग़म-ए-मिल्लतओउल्फ़त-ए-दींनरहे
तिरेकूचा-ए-ज़ुल्फ़मेंदिलहैमिराअबउसेमैंसमझताहूँदाम-ए-बला
येअजीबसितमहैअजीबजफ़ाकियहाँनरहेतोकहींनरहे
येतुम्हारेहीदमसेहैबज़्म-ए-तरबअभीजाओनतुमनकरोयेग़ज़ब
कोईबैठकेलुत्फ़उठाएगाक्याकिजोरौनक़-ए-बज़्मतुम्हींनरहे
जोथींचश्म-ए-फ़लककीभीनूर-ए-नज़रवहीजिनपेनिसारथेशम्सओक़मर
सोअबऐसीमिटीहैंवोअंजुमनेंकिनिशानभीउनकेकहींनरहे
वहीसूरतेंरहगईंपेश-ए-नज़रजोज़मानेकोफेरेंइधरसेउधर
मगरऐसेजमाल-ए-जहाँ-आराजोथेरौनक़-ए-रू-ए-ज़मींनरहे
ग़मओरंजमें'अकबर'अगरहैघिरातोसमझलेकिरंजकोभीहैफ़ना
किसीशयकोनहींहैजहाँमेंबक़ावोज़ियादामलूलओहज़ींनरहे