ये दिल मिरा, मिरे ही क़दमों में आ गिरा है

  - Ajit Yadav
येदिलमिरा,मिरेहीक़दमोंमेंगिराहै
जानेयेबंदाक्याउसलड़कीमेंपागयाहै
आवाज़देरहाहूँजिसकोगली-गलीमें
वोशख़्सइसबदनकेअंदरसेझाँकताहै
वोएकहीझरोखाथातुमजहाँसेआती
रौशनीवहाँअबजालापड़ाहुआहै
येपिछलेसालहीकीतोबातहैकिहम-तुम
येसालभीयहीसबकहतेहुएकटाहै
तूतोकभीकिसीकोसचमेंमिलानहींपर
फिरभीयहाँकाहरशैतुझमेंरमाहुआहै
जोआपकेमुताबिकचेहरेपेहैमुखौटा
दर-अस्लवोकिसीकाफ्लेवरचढ़ाहुआहै
येज़िंदगीनहींहै!सरसोनपालसाहब
इकआगनेमुझेउठ-उठकरयहीकहाहै
  - Ajit Yadav
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