mire oraak-e-maazi pe aise-aise chaale hain | मेरे औराक़-ए-माज़ी पे ऐसे-ऐसे छाले हैं

  - Ajit Yadav
मेरेऔराक़-ए-माज़ीपेऐसे-ऐसेछालेहैं
तेरेसीनेमेंतीरेंहैंमिरेसीनेमेंभालेहैं
यहाँवैसेतोहरइकबातकहनेकीइजाज़तहै
मगरयेसाहिब-ए-मसनदगलेमेंहाथडालेहैं
यहाँअबआपक्यूँहुक्कामकासबपोलखोलेंगे
ज़ुबाँपरआपकेतोपिंकसेनोटोंकेजालेहैं
येअपनापँखफैलाओतोजानोआसमाँहैक्या
वगरनाआसमाँकीओरसबनेआँखडालेहैं
बहुतज़्यादाहिमालयकीचढ़ाईहैनहींलल्ला
मगरयेहैकिअबतकतुमनेकैसेख़ुदकोपालेहैं
बहुतबचकररहाकरयारउनसारेहीलोगोंसे
किजिनकेहरक़दमकीचालहीशतरंजवालेहैं
  - Ajit Yadav
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