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Jonty nain
Main door rehta hoon samjho fake jism se
मैं दूर रहता हूँ समझो फ़ेक जिस्म से
- Jonty nain
मैं
दूर
रहता
हूँ
समझो
फ़ेक
जिस्म
से
मैं
जिस्म
भरता
हूँ
यानी
नेक
जिस्म
से
मैं
ऐसा
आदमी
और
हूँ
ऐसा
बे-वफ़ा
भरता
नहीं
है
मन
मेरा
एक
जिस्म
से
रूहों
की
क़द्र-ओ-क़ीमत
वैसी
नहीं
रही
तो
फिर
तो
नैन
जिस्मों
को
सेक
जिस्म
से
- Jonty nain
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ग़म
की
दस्तार
चुराने
वाले
हम
तो
हैं
प्यार
निभाने
वाले
ग़ौर
करना
तू
उदासी
पर
भी
मेरी
तस्वीर
बनाने
वाले
मर
गए
ग़म
के
ही
हाथों
से
फिर
जो
थे
ख़ुशियों
के
ख़ज़ाने
वाले
चार
संदेशे
ही
आए
उसके
और
चारों
ही
बहाने
वाले
अपनी
आदत
भी
छुड़ा
के
जाना
मुझ
सेे
हाथों
को
छुड़ाने
वाले
उसकी
शादी
पे
थे
गूँगे
हम
भी
यानी
हम
भी
थे
ज़माने
वाले
हाथ
मलता
रहा
लड़का
रोकर
ले
गए
लड़की
ले
जाने
वाले
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होंगे
उस
दिन
आसमाँ
पर
जाएँगे
जिस
दिन
ज़मीं
में
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मैं
जितना
भी
कमाता
हूँ
मैं
ज़्यादा
ही
गँवाता
हूँ
मैं
लिखकर
मौत
काग़ज़
पर
मैं
उस
काग़ज़
को
खाता
हूँ
जो
बारिश
आते
टूटा
हो
मैं
इक
ऐसा
ही
छाता
हूँ
मैं
बस
ग़ज़लों
को
सुनता
हूँ
मैं
सब
ग़ज़लों
को
भाता
हूँ
शब-ए-फ़ुर्क़त
सुनानी
है
शब-ए-फ़ुर्क़त
सुनाता
हूँ
तू
जितना
भी
कमाता
है
मैं
उतना
तो
उड़ाता
हूँ
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Jonty nain
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साथ
निभाया
जा
सकता
है
रूह
को
पाया
जा
सकता
है
सोच
समझ
कर
साथी
चुनना
साथ
भी
जाया
जा
सकता
है
मिला
हो
ज़हर
में
इश्क़
अगर
तो
ज़हर
भी
खाया
जा
सकता
है
निभा
सको
तो
निभा
ही
लेना
इश्क़
निभाया
जा
सकता
है
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जिस्म
को
तो
ले
जाएगा
वो
अपने
पर
कमरे
से
उसका
साया
नहीं
जाएगा
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