jang-e-hayaat-o-maut men kya kya nahin hua | जंग-ए-हयात-ओ-मौत में क्या क्या नहीं हुआ

  - Ajay Sahaab
जंग-ए-हयात-ओ-मौतमेंक्याक्यानहींहुआ
गुज़राहैदर्दहदसेपेचारानहींहुआ
मैंनेसदारखींयहींक़तरोंसीफ़ितरतें
मैंआजतकग़ुरूरकादरियानहींहुआ
क्याहादसाहैयेभीकिरिश्तातिरामिरा
बसबीजरहगयाकभीपौदानहींहुआ
जबइल्मनेजहानकोतक़्सीमकरदिया
अच्छाहैला-ख़िरदहूँमैंदानानहींहुआ
बीमारियोंमेंआएगापुर्सिशकोरोज़वो
येसोचकर'सहाब'मैंअच्छानहींहुआ
  - Ajay Sahaab
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