सहरा-ए-ला-हुदूदमेंतिश्ना-लबीकीख़ैर
माहौल-ए-अश्क-बारमेंलबकीहँसीकीख़ैर
लफ़्फ़ाज़सारेबनगएशाह-ए-सुख़नयहाँ
सादिक़सुख़न-वरोंकीसुख़न-परवरीकीख़ैर
मशरिक़मेंहिन्द-ओ-चीनकेबाज़ारयूँँबढ़े
जाह-ओ-जलाल-ए-मग़रिब-ओ-बरतानवीकीख़ैर
हैऔरतोंकीधूमज़मींसेफ़लकतलक
सइ-ए-बक़ा-ए-शौकत-ए-मर्दानगीकीख़ैर
अर्ज़ांहैमुश्त-ए-ख़ाकसेइंसानकीहयात
तहज़ीब-ए-क़त्ल-ओ-ख़ूनमेंअबज़िंदगीकीख़ैर
हरसम्तक़त्ल-ए-आमहैमज़हबकेनामपर
सारीअक़ीदतोंकीख़ुदा-परवरीकीख़ैर
जम्हूरियतकीलाशपेताक़तहैख़ंदा-ज़न
इसबरहनानिज़ाममेंहरआदमीकीख़ैर
सारावतनसमझचुकादैर-ओ-हरमकासच
बद-काररहबरानकीबाज़ीगरीकीख़ैर
उर्दूग़ज़लकेनामपेचलतेहैंचुटकुले
ग़ालिबकेफ़ैज़'मीर'कीउससाहिरीकीख़ैर
मग़रिबसेआगईयहाँतहज़ीब-ए-बरहना
मशरिक़तिरीरिवायतीपाकीज़गीकीख़ैर
अंधेपरखरहेयहाँमेआ'र-ए-रौशनी
दीदावर-ए-हुनरतिरीदीदा-वरीकीख़ैर